जनता की शिकायत और ऑडियो साक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए SDM सदर ने बैठाई विभागीय जांच, भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश।
SDM प्रवीण द्विवेदी की सख्ती: रिश्वत के आरोप में लेखपाल निलंबित।
जनता की शिकायत पर त्वरित एक्शन, ऑडियो साक्ष्य मिलने के बाद विभागीय जांच शुरू
मुजफ्फरनगर। जनहित के मामलों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने एक बार फिर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई कर यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों में घिरे लेखपाल बिजेन्द्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी गई है।
मामला उस समय सामने आया जब भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के तहसील अध्यक्ष अंकित जावला ने तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन को शिकायत सौंपी। शिकायत के साथ एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई गई, जिसमें सरकारी कार्य के बदले धनराशि मांगने का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा एक अन्य ग्रामीण द्वारा भी रास्ते के विवाद के समाधान के नाम पर रुपये मांगने की शिकायत की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने तत्काल प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए। नायब तहसीलदार द्वारा की गई जांच में उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया गया। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही प्रतीत होने पर एसडीएम ने बिना देरी किए लेखपाल के निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
निलंबन आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर आम जनता से धन की मांग करता है तो यह न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है बल्कि सरकार की छवि को भी धूमिल करता है। इसी आधार पर संबंधित लेखपाल के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
एसडीएम प्रवीण कुमार द्विवेदी की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ समय से वे जनहित से जुड़े मामलों में लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, राजस्व मामलों की निगरानी और भ्रष्टाचार के आरोपों पर त्वरित कार्रवाई उनकी कार्यशैली की पहचान बनती जा रही है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस सख्ती से भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश गया है कि जनता की शिकायतों को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। वहीं किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने भी प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे आम जनता की जीत बताया है।
फिलहाल पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोष सिद्ध होने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। एसडीएम सदर की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े और सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

