Friday, October 2, 2026

मोदी, जयंत चौधरी और योगी सरकार के प्रति किसानों ने जताया आभार, गन्ना नियंत्रण आदेश-2026 वापस होने पर देशभर में राहत!



गन्ना किसानों की बड़ी जीत: केंद्र सरकार ने वापस लिया ड्राफ्ट शुगरकेन कंट्रोल ऑर्डर-2026

मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित गन्ना (नियंत्रण) आदेश-2026 को वापस लेने के फैसले के बाद देश के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में राहत और संतोष का माहौल है। किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इस निर्णय को किसान हितों की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के कार्यकर्ताओं ने मिठाई वितरित कर खुशी मनाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया।

केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि ड्राफ्ट शुगरकेन कंट्रोल ऑर्डर-2026 को वापस लिया जा रहा है। इस निर्णय से गन्ना किसानों, खांडसारी उद्योगों, कोल्हू संचालकों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनीत त्यागी ने कहा कि प्रस्तावित आदेश में चीनी मिलों के 15 किलोमीटर के दायरे में नए कोल्हू और खांडसारी उद्योगों की स्थापना पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान था। यदि यह व्यवस्था लागू हो जाती तो किसानों के लिए अपनी फसल बेचने के विकल्प सीमित हो जाते और उन्हें लंबी दूरी तय कर गन्ना बेचना पड़ता। इससे परिवहन लागत बढ़ने के साथ किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता।

विनीत त्यागी ने कहा कि वर्तमान में कई कोल्हू और खांडसारी इकाइयां किसानों को चीनी मिलों की तुलना में 15 से 20 रुपये प्रति क्विंटल तक अधिक मूल्य उपलब्ध कराती हैं। ऐसे में प्रस्तावित आदेश लागू होने पर किसानों की प्रतिस्पर्धी बाजार तक पहुंच प्रभावित होती और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता था।

उन्होंने कहा कि किसान संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार उठी आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है। यह निर्णय दर्शाता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसानों की आवाज को महत्व दिया जाता है और उनकी चिंताओं को सुना जाता है।

भाकियू (सेवक) के कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि देश के लाखों गन्ना किसानों के हितों की रक्षा का मामला है। संगठन ने किसानों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि किसान की पहचान उसकी मेहनत और उत्पादन से होती है, किसी जाति या धर्म से नहीं।

राष्ट्रीय प्रवक्ता विनीत त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया यह निर्णय कृषि क्षेत्र में विश्वास बढ़ाने वाला कदम साबित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आदेश वापस लिए जाने से गन्ना किसानों के लिए बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी, बेहतर मूल्य मिलने की संभावना मजबूत होगी और ग्रामीण उद्योगों को भी संरक्षण मिलेगा। इससे न केवल किसानों की आय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, बल्कि ग्रामीण रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

किसान संगठनों ने इसे किसान एकता और लोकतांत्रिक संघर्ष की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि भविष्य में भी किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाई जाती रहेगी।

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