मुज़फ़्फ़रनगर।मेरठ से ट्रांसफर होकर आए वर्ष 2015 बैच के पीसीएस अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने शनिवार को मुज़फ़्फ़रनगर में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व (ADM F) का कार्यभार संभाल लिया। चार्ज लेते ही उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ डिजिटल बैठक कर शासन की प्राथमिकताओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नवागत ADM F ने खास तौर पर IGRS पोर्टल की 58वीं रैंकिंग पर गहरी नाराज़गी जताई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि केवल फाइलों में शिकायतों का निस्तारण दिखाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि भी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान उन्होंने लंबित शिकायतों, राजस्व मामलों और जनसमस्याओं के निस्तारण की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से लेकर आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं तक हर मामले में संवेदनशीलता के साथ काम किया जाएगा। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाए।
बताया जा रहा है कि प्रयागराज मूल निवासी अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने एमएससी बॉटनी की शिक्षा प्राप्त की है और इससे पहले अलीगढ़, आगरा, गाजीपुर, सहारनपुर, बहराइच, अयोध्या और मेरठ समेत कई जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। मुज़फ़्फ़रनगर आने से पहले वह मेरठ में ADM सिटी के पद पर तैनात थे।
गौरतलब है कि इससे पूर्व यहां तैनात ADM गजेंद्र सिंह का तबादला गोरखपुर हो गया था, जिसके बाद अब अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने जिले की कमान संभाली है। प्रशासनिक हलकों में उनके सख्त और अनुशासित कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हैं और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिकायत निस्तारण व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

