Friday, October 2, 2026

मंदिर परिसर में नाला निर्माण पर बवाल, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी!

जनपद के ग्राम सिसोना में स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर के बीचों-बीच प्रस्तावित नाला निर्माण को लेकर मंगलवार को गांव में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और स्थानीय लोग मंदिर परिसर में एकत्र हुए और निर्माण कार्य के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि ग्राम प्रधान की ओर से ग्रामीणों की आपत्ति के बावजूद जबरन नाला निर्माण कराने की कोशिश की जा रही है, जिससे गांव की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह शिव मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि पूरे गांव की आस्था और सम्मान का केंद्र है। वर्षों पुराने इस मंदिर से लोगों की गहरी धार्मिक भावनाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसे में मंदिर परिसर के बीच से नाला निकालना लोगों को बिल्कुल स्वीकार नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि मंदिर परिसर में नाला बनाया गया तो इससे मंदिर की पवित्रता प्रभावित होगी और भविष्य में धार्मिक कार्यक्रमों पर भी असर पड़ेगा।

मौके पर मौजूद लोगों ने साफ कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर धार्मिक स्थल के अस्तित्व से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और ग्राम पंचायत को पहले गांव के लोगों से बातचीत करनी चाहिए थी, लेकिन उनकी राय लिए बिना ही निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार विरोध दर्ज कराने के बावजूद उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया।

ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना सहमति के कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि अभी तक ग्राम प्रधान या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसी कारण गांव में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

मंदिर परिसर में जुटे ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नाले के निर्माण के लिए कोई दूसरा रास्ता तय किया जाए ताकि मंदिर परिसर पूरी तरह सुरक्षित रह सके। लोगों का कहना है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो गांव ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोग भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

फिलहाल गांव का माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। ग्रामीण लगातार प्रशासन से निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक नाले के निर्माण का नहीं बल्कि गांव की धार्मिक आस्था, सम्मान और परंपरा से जुड़ा हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है कि आखिर ग्रामीणों की भावनाओं को देखते हुए क्या फैसला लिया जाता है।

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