मुजफ्फरनगर पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों के नशे के कैप्सूल बरामद किए हैं। थाना खालापार पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के नेटवर्क पर अब तक की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पूरे गिरोह की जड़ों तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
डीआईजी सहारनपुर रेंज द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन सवेरा” के तहत नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी अभियान के तहत एसएसपी मुजफ्फरनगर के निर्देशन और एएसपी टीम के नेतृत्व में थाना खालापार के एसएचओ बबलू और उनकी टीम ने गांधीनगर कॉलोनी में छापेमारी की।
पुलिस के अनुसार छापेमारी के दौरान एक मकान से ट्रामाडोल सॉल्ट वाले स्पासमोर कंपनी के कुल 4 लाख 72 हजार 800 कैप्सूल बरामद किए गए। इन कैप्सूल का कुल वजन करीब 266 किलो बताया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये आंकी गई है।
जांच में सामने आया कि यह दवाएं केवल डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन और लाइसेंस के आधार पर ही खरीदी और बेची जा सकती हैं, लेकिन आरोपी इन्हें अवैध तरीके से स्टॉक कर युवाओं तक पहुंचाने की तैयारी में थे। पुलिस का कहना है कि ट्रामाडोल का इस्तेमाल सामान्य तौर पर दर्द निवारक दवा के रूप में किया जाता है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल युवाओं को नशे की लत की तरफ धकेल रहा है।
पुलिस ने इस मामले में थाना खालापार पर मुकदमा संख्या 79/26 दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की “बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक” की जांच की जाएगी, यानी यह खेप कहां से लाई गई और किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी, इसकी पूरी पड़ताल होगी।
पुलिस ने साफ कहा है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अपराध से अर्जित संपत्तियों को भी चिन्हित कर जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध नशे के कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।

