शिक्षामित्रों के बढ़े हुए मानदेय के भुगतान एवं सम्मान कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश स्तर पर गोरखपुर स्थित बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समारोह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनपद मुजफ्फरनगर के लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, जानसठ रोड पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने देखा और सुना।
कार्यक्रम के दौरान नए शैक्षिक सत्र से जुड़ी गतिविधियों के तहत निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों के वितरण सहित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री वीरपाल निर्वाल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी स्वरूप, विभिन्न राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर किया गया।
इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर माहौल को उत्साहपूर्ण बनाया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से लगभग 1000 शिक्षामित्रों ने भाग लिया।
संबोधन के दौरान वक्ताओं ने शिक्षामित्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने में अहम योगदान दे रहे हैं। सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह किए जाने का निर्णय 1 अप्रैल 2026 से लागू किया गया है। इसके साथ ही कैशलेस चिकित्सा सुविधा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का भी लाभ देने की घोषणा की गई है।
कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए संचालित योजनाओं—जैसे ऑपरेशन कायाकल्प, आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और स्कूल चलो अभियान—पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। 1 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले स्कूल चलो अभियान के तहत अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।न
कार्यक्रम के अंत में अलग-अलग विकासखंडों के 10 शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक रूप से 18,000 रुपये के चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, मीडिया कर्मियों और शिक्षामित्रों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
अधिकारियों ने सभी शिक्षामित्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें, उन्हें स्वच्छ व अनुशासित वातावरण में विद्यालय भेजें और शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं, ताकि जनपद में शिक्षा का स्तर और बेहतर हो सके।

