जनपद में निवेश, ट्रेडिंग और क्रिप्टो के नाम पर चल रहे बड़े साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को साइबर थाना टीम की बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक अपराध (एसपी क्राइम) इन्दु सिद्धार्थ ने दी।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने देशभर में करीब 46 लोगों को निशाना बनाकर 14 करोड़ 8 लाख रुपये से अधिक की ठगी की। यह पूरा मामला तब सामने आया जब गृह मंत्रालय के “प्रतिबिम्ब” पोर्टल पर एक संदिग्ध बैंक खाते की सूचना मिली, जिसके बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने Axis Bank में “SA SMART TRADING PVT LTD” नाम से एक फर्जी कंपनी बनाकर करंट अकाउंट खुलवाया था। इसी खाते के माध्यम से लोगों से पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे। पुलिस ने बताया कि इस खाते में महज 7 दिनों के भीतर लगभग 1.5 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जिससे मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टो में अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाते थे। जब लोग भरोसा करके पैसा लगाते थे, तो वह रकम इस फर्जी खाते में जमा कराई जाती थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिनव चौहान निवासी सुभाषनगर और सक्षम गुप्ता निवासी द्वारकापुरी के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों एक संगठित साइबर गिरोह के लिए काम कर रहे थे और उन्हें जमा कराई गई रकम पर करीब 1 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन उपकरणों से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और तलाश जारी है।
एसपी क्राइम इन्दु सिद्धार्थ ने बताया कि इस मामले से जुड़े अन्य राज्यों की शिकायतों को भी खंगाला जा रहा है और पूरे नेटवर्क को सामने लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान निवेश योजना, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या क्रिप्टो ऑफर पर बिना जांच के भरोसा न करें। निवेश करने से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की सत्यता की पूरी जानकारी अवश्य लें, ताकि इस तरह की साइबर धोखाधड़ी से बचा जा सके।

