कानपुर के फजलगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए पांच सटोरियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इन्लीगल गेमिंग ऐप के जरिए चल रहे सट्टा कारोबार के खिलाफ की गई, जिसमें भारी मात्रा में नकदी और उपकरण बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से कुल 3 करोड़ 91 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इतनी बड़ी रकम को गिनने के लिए मौके से तीन हाई-टेक नोट गिनने की मशीनें भी मिलीं। इसके अलावा एक नकली नोट पहचानने वाली मशीन भी बरामद की गई है, जो इस पूरे नेटवर्क की पेशेवर कार्यप्रणाली को दर्शाती है।
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी कार्तिक, जो ‘लड्डू के बटर पेपर’ की फैक्ट्री चलाता है, पिछले दो सालों से इस अवैध सट्टे के कारोबार में सक्रिय था। इस रैकेट का मास्टरमाइंड मनीष उर्फ ‘प्रोफेसर’ बताया जा रहा है, जो जबलपुर का निवासी है और फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से तीन गुजरात के रहने वाले हैं, जिससे इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय कनेक्शन का भी खुलासा हुआ है। सट्टेबाजी के लिए ‘BetHub24.com’ नाम से एक ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसके जरिए बड़े पैमाने पर दांव लगाए जा रहे थे।
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि बरामद हुई भारी नकदी को देखते हुए अब इस मामले की जांच आयकर विभाग द्वारा भी की जाएगी, ताकि पैसे के स्रोत और अन्य आर्थिक अपराधों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई जारी है। यह मामला शहर में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते खतरे को उजागर करता है, जिस पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

