मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना विधानसभा सीट पर 2027 चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के एनडीए गठबंधन में शामिल होने के बाद इस सीट का महत्व और भी बढ़ गया है। अब टिकट को लेकर न केवल स्थानीय बल्कि दिल्ली स्तर तक नेताओं की सक्रियता साफ नजर आ रही है।
इसी बीच बीजेपी के पूर्व विधायक उमेश मलिक ने रालोद प्रमुख जयंत चौधरी से मुलाकात की है। इस मुलाकात की तस्वीर खुद जयंत चौधरी ने अपने सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें दोनों नेताओं के बीच बातचीत होती दिख रही है। इस एक मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है।
बुढ़ाना सीट की बात करें तो फिलहाल यहां से रालोद के राजपाल सिंह बालियान विधायक हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में उमेश मलिक को करीब 28 हजार वोटों से हराया था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं, क्योंकि रालोद एनडीए का हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में सीट बंटवारे और टिकट को लेकर समीकरण नए सिरे से बन रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस सीट से टिकट पाने के लिए कई नेता सक्रिय हो चुके हैं। रालोद की तरफ से मौजूदा विधायक राजपाल बालियान के अलावा अन्य स्थानीय नेता भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं। वहीं बीजेपी में भी सिर्फ उमेश मलिक ही नहीं, बल्कि अन्य संभावित उम्मीदवार भी मैदान में उतर सकते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उमेश मलिक और जयंत चौधरी की यह मुलाकात सिर्फ एक सामान्य शिष्टाचार भेंट नहीं है, बल्कि आने वाले चुनाव को देखते हुए रणनीतिक कदम भी हो सकती है। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि दोनों दलों के बीच तालमेल और सीटों के समीकरण को लेकर अंदरखाने बातचीत जारी है।
कुल मिलाकर, बुढ़ाना सीट पर 2027 चुनाव से पहले ही सियासी पारा चढ़ चुका है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए के अंदर इस सीट पर किसे मौका मिलता है और कौन नेता बाजी मारता है।

