उत्तर प्रदेश के Etawah Safari Park में भीषण गर्मी ने इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। अप्रैल महीने में ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे जंगल जैसे खुले माहौल में रहने वाले जानवरों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सफारी प्रशासन ने जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। शेर, तेंदुआ और भालू जैसे संवेदनशील वन्यजीवों के बाड़ों में बड़े-बड़े कूलर लगाए गए हैं, जिससे तापमान को नियंत्रित रखा जा सके। इन जानवरों को कूलर की ठंडी हवा के जरिए राहत दी जा रही है।
वहीं, हिरण और अन्य शाकाहारी जानवरों के लिए खस (घास) के छप्पर तैयार किए गए हैं, जिन पर लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि प्राकृतिक ठंडक बनी रहे। इसके अलावा डियर और एंटीलोप सफारी में बने तालाबों में ट्यूबवेल के जरिए लगातार पानी भरा जा रहा है, जिससे जानवरों को पर्याप्त पानी और ठंडक मिल सके।
सफारी पार्क के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. विनय सिंह ने बताया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी वन्यजीवों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी जानवर को गर्मी के कारण कोई नुकसान न पहुंचे।
भीषण गर्मी के इस दौर में सफारी प्रशासन की यह कोशिशें वन्यजीवों के जीवन को बचाने के लिए बेहद अहम साबित हो रही हैं, लेकिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी आने वाले दिनों में नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है।

