Thursday, October 1, 2026

दहेज की मांग ने उजाड़ी बेटी की जिंदगी, गर्भ में पल रहे मासूम की भी मौत।






पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर जनपद के खतौली क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा की क्रूर सच्चाई को उजागर कर दिया है। यहां दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसने अपने गर्भ में पल रहे चार महीने के मासूम बच्चे को भी खो दिया।

मामला छपार थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी बड़े अरमानों और उम्मीदों के साथ खतौली में की थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष का असली चेहरा सामने आने लगा। आरोप है कि ससुराल वाले लगातार दहेज की मांग को लेकर दबाव बनाने लगे और बेटी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

परिजनों के मुताबिक, पीड़िता के पति ने विदेश जाने के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की मांग रखी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे यह रकम देने में असमर्थ रहे। इसके बाद प्रताड़ना और बढ़ गई। कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार मामला बिगड़ता ही गया।

आरोप है कि इसी दौरान चार महीने की गर्भवती पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद गर्भ में पल रहे बच्चे को बचाया नहीं जा सका।

पीड़िता का कहना है कि उसने कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय पर कदम उठाए जाते, तो शायद आज उसका बच्चा जिंदा होता।

फिलहाल पीड़िता महिला अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। पीड़िता और उसका परिवार प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है। वहीं, राष्ट्रीय लोकदल महिला विंग की जिलाध्यक्ष बबीता राठी ने भी इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक बेटियां दहेज के नाम पर इस तरह की यातनाएं झेलती रहेंगी।

Latest news
Related news