उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक बेहद गंभीर और हाई प्रोफाइल पारिवारिक विवाद सामने आया है, जिसने मेरठ और मुजफ्फरनगर के दो रसूखदार परिवारों को आमने-सामने ला खड़ा किया है। मामला कथित तौर पर फोन पर दिए गए तीन तलाक और महिला को ससुराल में प्रवेश न देने से जुड़ा है।
पीड़िता जेबा परवीन, जो पूर्व बसपा सांसद हाजी याकूब कुरैशी के भाई हाजी इरफान कुरैशी की बेटी हैं, ने अपने पति हाजी फराज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जेबा का निकाह वर्ष 2020 में मुजफ्फरनगर के खालापार निवासी और चमड़ा कारोबारी परिवार में हुआ था।
पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद शुरुआती समय सामान्य रहा, लेकिन करीब एक साल पहले उनके पति ने व्यापार के नाम पर उनके मायके पक्ष से लगभग 4 करोड़ रुपये उधार लिए थे, जो अब तक वापस नहीं किए गए। जेबा का आरोप है कि जब भी वह पैसे की बात करती थीं, तो उनके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था।
घटना का ताजा मोड़ तब आया जब कुछ दिन पहले फराज ने जेबा को यह कहकर मेरठ भेज दिया कि उसकी मां की तबीयत खराब है। मेरठ पहुंचने के बाद जब जेबा ने अपने पति से पैसों को लेकर बातचीत की, तो आरोप है कि फराज ने फोन पर ही तीन बार ‘तलाक’ कहकर संबंध खत्म करने की बात कही।
मंगलवार शाम जब जेबा परवीन अपने ससुराल मुजफ्फरनगर लौटीं, तो उन्हें घर के बाहर ही रोक दिया गया। उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया और अंदर जाने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद वह घर के बाहर ही धरने पर बैठ गईं।
जेबा ने बताया कि उनकी दो छोटी बेटियां अभी भी ससुराल में हैं, और वह अपने बच्चों और वैवाहिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए अपने अधिकारों की बहाली और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज़ैबा परवीन, पीड़ित महिला

