मुजफ्फरनगर: जिले के विद्युत विभाग में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक जूनियर इंजीनियर (जेई) पर सरकारी ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल चोरी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला अब जिलाधिकारी तक पहुंच चुका है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम दिनकरपुर निवासी शिवम त्यागी ने जिलाधिकारी को दिए अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि संबंधित जेई ने सिसौली क्षेत्र से दो सरकारी ट्रांसफार्मर और कई लोहे के बिजली पोल चोरी किए। आरोप है कि इन सामानों को पहले दिनकरपुर के पास स्थित एक बिजलीघर के नजदीक खेत में छिपाया गया, और बाद में मिलीभगत के जरिए उन्हें वहां से भी गायब कर दिया गया।
शिवम त्यागी का दावा है कि उनके पास इस पूरे मामले के वीडियो सबूत मौजूद हैं, जिनमें चोरी किए गए पोल छिपाने की घटना दिखाई देती है। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों के साथ हुई बातचीत की कॉल डिटेल भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की है।
कर्मचारी पर उत्पीड़न का आरोप
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। शिवम त्यागी ने बताया कि उनके पिता मांगेराम त्यागी, जो विद्युत विभाग में कर्मचारी हैं, को जेई द्वारा लगातार “डबल ड्यूटी” करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इस मानसिक दबाव के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
धमकी और झूठे मुकदमे का आरोप
परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने इस अन्याय का विरोध किया, तो जेई ने मांगेराम त्यागी को नौकरी से निकालने की धमकी दी। इतना ही नहीं, दबाव बनाने के लिए शाहपुर थाने में उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने की भी कोशिश की गई।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
शिवम त्यागी ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जेई के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने अपने पिता को डबल ड्यूटी के दबाव से राहत दिलाने और उनका बकाया वेतन दिलाने की भी अपील की है।
यह मामला सामने आने के बाद विद्युत विभाग में भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है।

