मुज़फ्फरनगर, 1 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के तहत आज जनपद मुज़फ्फरनगर में ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ का भव्य शुभारंभ किया गया। यह अभियान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
नगर क्षेत्र के वहलना स्थित कम्पोजिट विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल तथा जिलाधिकारी उमेश मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं की जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली में शामिल बच्चों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर पूरे क्षेत्र में शिक्षा का संदेश फैलाया। “मम्मी-पापा हमें पढ़ाओ, स्कूल चलकर नाम लिखाओ” जैसे नारों से माहौल जागरूकता से भर गया और अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी बच्चा गरीबी, मजदूरी या अन्य कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे, यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों का नामांकन कराकर उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजें।
जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास का आधार बताते हुए अभिभावकों से इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। वहीं जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जानकारी दी कि जनपद में घर-घर सर्वे कर ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जो स्कूल नहीं जा रहे हैं या पढ़ाई छोड़ चुके हैं। ऐसे बच्चों के पुनः नामांकन के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि ईंट-भट्टों, मलिन बस्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म, किताबें, स्कूल बैग, जूते-मोजे और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और हर पात्र बच्चे का स्कूल में दाखिला सुनिश्चित करेंगे।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से शुरू हुआ यह अभियान मुज़फ्फरनगर में शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इसका लक्ष्य साफ है—जनपद का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित हो।

