उन्नाव के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। खुफिया कैमरे में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय से जुड़ा ऐसा सच कैद हुआ है, जिसने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि स्कूलों को नोटिस से राहत दिलाने के नाम पर मोटी रकम मांगी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, उन्नाव के तमोरिया बुजुर्ग प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक से नोटिस खत्म कराने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि जब प्रधानाध्यापक ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो स्कूल को बार-बार अलग-अलग नोटिस भेजे जाने लगे, जिससे उन पर दबाव बनाया जा सके।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब BSA कार्यालय में तैनात बड़े बाबू उदयवीर सिंह का बयान खुफिया कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में उदयवीर सिंह यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि कार्यालय से जारी होने वाली नोटिस की कार्रवाई “साहब के कहने पर ही होती है।” इस बयान के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
बताया जा रहा है कि उदयवीर सिंह करीब 15 वर्षों से BSA कार्यालय में तैनात हैं और विभाग की अंदरूनी कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हैं। उनके इस खुलासे ने यह संकेत दिया है कि शिक्षा विभाग में नोटिस को दबाव के औजार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस मामले में आरोप सीधे BSA शैलेश पाण्डेय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि अभी तक विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अगर खुफिया कैमरे में कैद यह वीडियो सही साबित होता है, तो यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे शिक्षा विभाग में फैले भ्रष्टाचार की बड़ी परत खोल सकता है। अब सबकी नजर प्रशासन और शासन की कार्रवाई पर टिकी है कि इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।

