मुजफ्फरनगर।
जनपद के थाना नई मंडी क्षेत्र के गांव नसीरपुर में आबादी के बीच 5G मोबाइल टावर लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराज़गी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। गांव के कई लोगों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर टावर लगाने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव नसीरपुर निवासी शराफत पुत्र रमजानी अपने लगभग 100 वर्गगज के प्लॉट में एक निजी मोबाइल कंपनी का 5G टावर लगवा रहा है। बताया गया है कि टावर लगाने के लिए जेसीबी मशीन से जमीन की खुदाई का काम भी शुरू कर दिया गया है। जिस स्थान पर टावर लगाया जा रहा है, उसके आसपास घनी आबादी है और कई परिवारों के मकान बिल्कुल पास में बने हुए हैं। इस कारण गांव के लोगों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल टावर से निकलने वाली रेडिएशन और तरंगों का असर आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि गांव में कई छोटे बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं, जिनमें से कुछ लोग हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित हैं और दवाइयों के सहारे जीवन जी रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि टावर की रेडिएशन उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि टावर से निकलने वाली तरंगों का असर पशु-पक्षियों और आसपास के पर्यावरण पर भी पड़ सकता है। गांव के लोगों का कहना है कि आबादी के बीच इस तरह का टावर लगाना सही नहीं है और इससे भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि टावर लगाने के बदले मोबाइल कंपनी द्वारा प्लॉट मालिक को आर्थिक लाभ देने का वादा किया गया है। इसी कारण वह गांव के लोगों की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए टावर लगाने की तैयारी कर रहा है। कई बार समझाने के बावजूद भी काम बंद नहीं किया गया, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बनती जा रही है।
इस मामले को लेकर गांव के शेरअली पुत्र मोहम्मद यासीन, शमशाद पुत्र अलीहसन, इंतजार पुत्र मकसूद, कमल पुत्र राजकुमार, महेंद्र पुत्र कल्लू और लाखन पुत्र किरणपाल सिंह सहित कई ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि थाना नई मंडी पुलिस को मौके पर भेजकर टावर लगाने का काम तुरंत रुकवाया जाए और बिना उचित अनुमति व जांच के टावर लगाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि गांव के लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान होने से बचाया जा सके।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर आबादी के बीच टावर लगाने की प्रक्रिया को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में गांव के लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

