Thursday, October 1, 2026

जानसठ में किसानों का फूटा गुस्सा: नकली खाद, भ्रष्टाचार और जलभराव पर प्रशासन को चेतावनी।

मुजफ्फरनगर के जानसठ तहसील क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के तहसील अध्यक्ष अंकित जावला के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में फैली गंभीर समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। किसानों ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा।

किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में नकली खाद और कीटनाशक दवाइयों का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है। कुछ व्यापारी किसानों को नकली उत्पाद बेच रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और फसलों की पैदावार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस तरह की मिलावटी खाद और दवाइयों के कारण खेती की लागत बढ़ रही है और उत्पादन घट रहा है, जिससे किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।

ज्ञापन में राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। किसानों ने बताया कि खतौनी में अंश निर्धारण गलत होने की वजह से फार्मर रजिस्ट्री कराने में कई तरह की परेशानियां आ रही हैं। आरोप है कि कुछ पटवारी इन त्रुटियों को ठीक करने के नाम पर किसानों से अवैध वसूली कर रहे हैं। किसानों का दावा है कि उनके पास इस वसूली के वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं।

इसके अलावा ग्राम भोपा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के पास एक कॉलोनी में जल निकासी की गंभीर समस्या भी किसानों ने प्रशासन के सामने रखी। किसानों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने तालाब में जाने वाली पंचायती नाली पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे पानी की निकासी बंद हो गई है। परिणामस्वरूप रास्तों पर गंदा पानी जमा हो गया है और क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।

किसानों ने यह भी बताया कि इस समस्या की जांच के लिए पहले दो बार प्रशासनिक टीमें गठित की गई थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जलभराव की वजह से शिव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं का रास्ता भी बाधित हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है।

भाकियू (अराजनैतिक) ने प्रशासन से मांग की है कि नकली खाद और दवाइयों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए, राजस्व विभाग में हो रही अवैध वसूली की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो तथा जल निकासी की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए।

इस दौरान राजीव सहरावत, यशपाल सिंह, आकाश चौधरी, तरुण सहरावत, अरविंद सहरावत, बिजेंद्र सिंह, मनोज चौधरी और धीरेन्द्र सहरावत सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे। किसानों ने स्पष्ट कहा कि अगर उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया तो वे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे।

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