पटना:
बिहार की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा मोड़ देखने को मिला। लंबे समय से राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने बिहार विधानसभा में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। उनके इस कदम को राज्य की सत्ता में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah विशेष रूप से पटना पहुंचे। उनकी मौजूदगी ने इस पूरे घटनाक्रम को और भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। माना जा रहा है कि अब बिहार की राजनीति में नया नेतृत्व सामने आ सकता है और पहली बार राज्य में Bharatiya Janata Party का मुख्यमंत्री बनने की संभावना बढ़ गई है।
एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने भरा नामांकन
बिहार विधानसभा सचिवालय में एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने संयुक्त रूप से राज्यसभा के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इनमें मुख्यमंत्री Nitish Kumar के साथ भाजपा नेता Nitin Nabin, जेडीयू नेता Ramnath Thakur, आरएलएम प्रमुख Upendra Kushwaha और भाजपा के Shivesh Kumar शामिल रहे।
नामांकन के समय एनडीए के कई बड़े नेता और विधायक मौजूद थे। इस दौरान गठबंधन के सभी दलों ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।
अमित शाह ने की अहम बैठक
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah सीधे स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम और नई कैबिनेट के गठन पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि जल्द ही राज्य में नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हो सकती है।
नीतीश कुमार का भावनात्मक संदेश
नामांकन दाखिल करने से पहले मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास और सम्मान के लिए उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ काम किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी इच्छा देश के चारों विधायी सदनों — विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा — का सदस्य बनने की थी और अब राज्यसभा के लिए नामांकन के साथ यह सपना पूरा होने जा रहा है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई सरकार को उनका मार्गदर्शन और सहयोग लगातार मिलता रहेगा।
सचिवालय में दिनभर हलचल
गुरुवार सुबह से ही विधानसभा परिसर में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। नामांकन के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
दोपहर करीब दो बजे नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई। मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की खबर से जेडीयू कार्यकर्ताओं में भावनात्मक माहौल देखा गया, वहीं भाजपा खेमे में राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनने की संभावना को लेकर उत्साह साफ दिखाई दिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होते हैं, तो यह बिहार की सत्ता और नेतृत्व में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

