खबर उत्तर प्रदेश के जनपद मेरठ से है।
मेरठ में पत्रकारों के सम्मान पर सवाल? CO सौम्या अस्थाना का कथित ऑडियो बना चर्चा का केंद्र
Meerut में इन दिनों पत्रकारों के सम्मान और अधिकारों को लेकर गंभीर बहस छिड़ी हुई है। ब्रह्मपुरी क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी Saumya Asthana से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह ऑडियो अब शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
वायरल हो रहे इस कथित ऑडियो में पत्रकारों को लेकर कड़े और कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने की बातें सामने आ रही हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि थानों के अंदर किसी भी पत्रकार को न्यूज़ कवरेज की अनुमति न दी जाए और उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की जाए। ऑडियो में पत्रकारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की चेतावनी जैसी बातें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
इस ऑडियो के सामने आने के बाद पत्रकार समुदाय में गहरी नाराज़गी और चिंता देखी जा रही है। पत्रकारों का कहना है कि वे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और जनहित से जुड़े मुद्दों को जनता तक पहुंचाना उनका कर्तव्य है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी द्वारा कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की जाती है, तो यह पूरे पत्रकार समाज के सम्मान से जुड़ा विषय बन जाता है।
संविधान के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रत्येक नागरिक को प्राप्त है, और प्रेस उसी अधिकार का विस्तार है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन पत्रकारों के सम्मान और गरिमा की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि सचनामा न्यूज़ इस वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह ऑडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है और इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
अब सबकी निगाहें प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। सवाल यही है —
क्या पत्रकारों के सम्मान से जुड़ा यह मुद्दा संवाद से सुलझेगा या टकराव की ओर बढ़ेगा?
जनपद मेरठ से संवाददाता दीपक वर्मा की रिपोर्ट।

