मेरठ में आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान पूर्व विधायक संगीत सोम के एक बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। कार्यक्रम में कई संत, सामाजिक कार्यकर्ता और भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी मंच पर मौजूद थे। मूल रूप से यह आयोजन होली के अवसर पर सामाजिक सद्भाव और मिलन के उद्देश्य से रखा गया था, लेकिन भाषण के दौरान दिया गया बयान चर्चा का विषय बन गया।
अपने संबोधन में संगीत सोम ने बाबरी मस्जिद के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि दोबारा उसकी नींव रखने की कोशिश की गई तो “सभी सनातनी उसकी एक-एक ईंट उखाड़ने का काम करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे मुद्दों को उठाते हैं, वे पहले अपने नेता को नहीं बचा सके और अब भारत में फिर से बाबरी मस्जिद बनाने की बात कर रहे हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में धार्मिक और ऐतिहासिक मुद्दों को लेकर संवेदनशीलता बनी रहती है। बाबरी मस्जिद विवाद वर्षों तक देश की राजनीति और समाज के केंद्र में रहा है, और इस पर देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला आने के बाद भी यह विषय समय-समय पर राजनीतिक बयानबाज़ी में सामने आता रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी या वैचारिक संदर्भ में समर्थकों को संबोधित करने के उद्देश्य से दिए जाते हैं, लेकिन इससे सामाजिक माहौल पर प्रभाव पड़ सकता है। विपक्षी दल इस बयान की आलोचना कर सकते हैं और इसे उकसाने वाला करार दे सकते हैं, जबकि समर्थक इसे अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन बता सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन बयान के बाद सियासी बहस तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

