मुजफ्फरनगर, 1 मार्च 2026।
जनपद मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने रविवार को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। यह निरीक्षण मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले और कई प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में किया गया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर गंभीरता दिखाई गई और स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
सीएमओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीनना, जसोई, बिरालसी, कुटेसरा और रोहाना में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी सेवाओं, मरीजों के पंजीकरण, निःशुल्क दवा वितरण, जांच सुविधाओं और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि मेले में आने वाले हर मरीज को समय पर, सही और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना चाहिए। शासन की मंशा के अनुरूप किसी भी लाभार्थी को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
डॉ. तेवतिया ने मौके पर मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आम जनता तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी है। यदि इसमें लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों को प्राथमिकता देने के निर्देश विशेष रूप से दिए।
इसके बाद सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरथावल का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने आपातकालीन सेवाओं, प्रसूति कक्ष, दवा भंडारण व्यवस्था, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, मरीजों के साथ शालीन व्यवहार सुनिश्चित करने और सभी सेवाओं को नियमित व सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में रोहाना में निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी अवलोकन किया गया। सीएमओ ने निर्माण कार्य की प्रगति पर असंतोष जताते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता से समझौता न करने और समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए राहत साबित होगा और इसके पूरा होने से लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
पूरे निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी का रुख सख्त और स्पष्ट रहा। उन्होंने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की प्राथमिकता हैं और जनता के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती से स्वास्थ्य विभाग में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

