उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र स्थित इस्लामाबाद गली नंबर-3 में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहला दिया। कपड़ों के काम वाले एक मकान में अचानक आग भड़कने से घर के अंदर मौजूद लोग चारों तरफ से लपटों में घिर गए। शुरुआती हादसे में 5 बच्चे और 2 महिलाएं समेत कुल 7 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि इलाज के दौरान 5 बच्चों और एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर में अचानक धुआं उठता दिखाई दिया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। कपड़ों का काम होने के कारण आग तेजी से फैल गई और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सूचना मिलते ही एसएसपी अविनाश पाण्डेय, डीएम विजय कुमार समेत कई थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव अभियान शुरू कराया। आग में फंसे लोगों को छत के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस से निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अधिकारियों के आदेश पर घायलों का इलाज तुरंत शुरू हुआ, लेकिन कुछ की जान नहीं बचाई जा सकी।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि फायर विभाग और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मकान में कपड़ों का काम होने से ज्वलनशील सामान ज्यादा था, जिससे आग तेजी से फैली और हालात बेहद खतरनाक हो गए।
घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पड़ोसी और राहत टीम समय पर न पहुंचती तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घरों और कार्यस्थलों पर बिजली की वायरिंग की नियमित जांच कराएं और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
जनपद मेरठ से संवाददाता दीपक वर्मा की रिपोर्ट।

