Thursday, October 1, 2026

CBSE पेपर बैंक लॉकर में कैद! 3 घंटे इंतजार!पेपर नहीं आया… छात्र बैठे रहे इंतजार में!

बैंक लॉकर में बंदCBSE पेपर बैंक लॉकर में कैद! 3 घंटे इंतजार!
पेपर नहीं आया… छात्र बैठे रहे इंतजार में!

रहा CBSE पेपर, 3 घंटे देरी से शुरू हुई परीक्षा, 332 छात्रों का भविष्य दांव पर।

मुजफ्फरनगर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान जनपद के खतौली स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर शनिवार को गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया। तकनीकी खराबी के कारण प्रश्नपत्र केनरा बैंक के लॉकर में ही बंद रह गए, जिससे परीक्षा निर्धारित समय सुबह 10 बजे के बजाय करीब 3 घंटे देरी से दोपहर 1 बजे शुरू हो सकी। इस घटना से 332 छात्र-छात्राओं को भारी मानसिक तनाव झेलना पड़ा और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया।

समय पर नहीं खुला बैंक का लॉकर, बढ़ती रही बेचैनी

जानकारी के अनुसार, सीबीएसई के नियमों के तहत बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र सुरक्षित रखने के लिए बैंकों के लॉकर का उपयोग किया जाता है। शनिवार को स्कूल स्टाफ सुबह करीब 9:30 बजे बैंक से अंग्रेजी का प्रश्नपत्र लेने पहुंचा, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण लॉकर नहीं खुल पाया।

बैंक कर्मचारियों और स्कूल स्टाफ ने काफी प्रयास किए, लेकिन लॉकर नहीं खुला। समय निकलता गया और परीक्षा शुरू होने का निर्धारित समय भी गुजर गया। स्थिति गंभीर होने पर स्कूल प्रशासन ने तत्काल सीबीएसई बोर्ड को पूरे मामले की सूचना दी।

ई-मेल से मंगाया गया पेपर, फोटोकॉपी से हुई परीक्षा

आपात स्थिति को देखते हुए बोर्ड ने स्कूल की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर प्रश्नपत्र भेजा। इसके बाद आसपास के अन्य सीबीएसई स्कूलों से फोटोकॉपी मशीनें मंगवाई गईं। तीन-चार मशीनों की मदद से प्रश्नपत्रों की कॉपी तैयार की गई।

करीब तीन घंटे की देरी के बाद दोपहर 1 बजे परीक्षा शुरू कराई गई, जो शाम 4 बजे समाप्त हुई। इस परीक्षा केंद्र पर मॉडर्न पब्लिक स्कूल के अलावा न्यू सेंट मैरी, लाल दयाल और श्रीराम पब्लिक स्कूल के कुल 332 छात्र परीक्षा दे रहे थे।

7 घंटे तक केंद्र में बैठे रहे छात्र, अभिभावकों में गुस्सा

अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों को सुबह 9:30 बजे से परीक्षा केंद्र के अंदर बैठा दिया गया था और उन्हें बाहर भी नहीं आने दिया गया। अभिभावक इंद्रेश कुमार ने कहा कि

> “10वीं के बच्चों को करीब 7 घंटे तक एक ही जगह बैठाकर रखना उनके साथ अन्याय है। यदि पेपर उपलब्ध नहीं था तो परीक्षा स्थगित करनी चाहिए थी। इस तरह फोटोकॉपी से परीक्षा कराना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है।”



अभिभावकों ने स्कूल और बैंक दोनों की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।

स्कूल ने बैंक को ठहराया जिम्मेदार

स्कूल मैनेजर कुलदीप त्यागी ने इस पूरी घटना के लिए बैंक को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि

> “बैंक को पहले ही लॉकर की जांच करनी चाहिए थी। हमने सीबीएसई के निर्देशानुसार ई-मेल से प्राप्त पेपर का प्रिंट निकालकर परीक्षा कराई और छात्रों को पूरा समय दिया गया।”



प्रशासन की नजर, भविष्य को लेकर उठे सवाल

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, इस घटना ने सीबीएसई परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि इस मामले की जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।

जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

Latest news
Related news