Thursday, October 1, 2026

जलभराव में कैद ज़िंदगी।



उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिकंदरपुर सिकरी मार्ग पर बीते एक वर्ष से बना जलभराव अब ग्रामीणों के लिए अभिशाप बन चुका है। सड़क पर भरा गंदा पानी गांव की ज़िंदगी को धीरे-धीरे डुबो रहा है। हालात इतने खराब हैं कि आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क से रोज़ाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं, वह अब तालाब का रूप ले चुकी है। कीचड़, बदबू और गंदे पानी से होकर निकलना मजबूरी है। महिलाओं को मंदिर जाने के लिए इसी गंदे पानी से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी पूजा खंडित हो रही है और स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है। कई महिलाओं और बुजुर्गों को फिसलकर गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। बच्चों को हर दिन इसी पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे उनके गिरने, बीमार होने और हादसे का डर बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी जान भी खतरे में है।

लगातार शिकायतों के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला तो सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सड़क पर भरे पानी के बीच खाटें बिछाकर अनोखा और भावुक धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन मजबूरी में किया गया, ताकि प्रशासन उनकी पीड़ा को देख और समझ सके।

ग्रामीणों का आरोप है कि न तो जलनिकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की गई और न ही सड़क की मरम्मत कराई गई। हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही जलभराव से निजात नहीं मिली तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

गांव के लोगों की मांग है कि तुरंत जलनिकासी की व्यवस्था की जाए और सड़क को दुरुस्त कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को इस नारकीय स्थिति से राहत मिल सके। फिलहाल सिकंदरपुर सिकरी के हालात प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।


जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

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