Thursday, October 1, 2026

भारत–अमेरिका व्यापार समझौता: किसानों की आजीविका पर खतरे की चेतावनी।



मुज़फ्फरनगर।
भारत–अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर किसानों के भविष्य पर गहराते खतरे को रेखांकित करते हुए भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने कड़ा ऐतराज़ जताया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम ने कहा कि यदि इस समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र को शामिल किया गया, तो देश के छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

इस संबंध में संगठन की ओर से एक आधिकारिक ज्ञापन जिलाधिकारी मुज़फ्फरनगर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को भेजा गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका जैसे देशों में कृषि व डेयरी उत्पादों पर भारी सरकारी सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में भारतीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में असमान और नुकसानदेह प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी आमदनी और उत्पादन दोनों पर सीधा असर पड़ेगा।

एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की मांग
चौधरी शाह आलम ने कहा कि किसानों को बाजार की अस्थिरता से बचाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा दिया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना सुरक्षा प्रावधानों के किसी भी अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार समझौते से देश की खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता कमजोर हो सकती है।

ज्ञापन में रखी गईं पाँच प्रमुख माँगें:

1. बादाम, मक्का, सोयाबीन और कपास जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों को सभी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों से बाहर रखने की संवैधानिक गारंटी।


2. डेयरी क्षेत्र को पूर्ण सुरक्षा और संरक्षण।


3. किसी भी कृषि व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों की सहमति को अनिवार्य करना।


4. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा।


5. वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव से छोटे किसानों की रक्षा के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान।



संगठन ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक रीढ़ हैं। यदि कृषि व्यवस्था कमजोर होती है, तो इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा। इसलिए राष्ट्रपति से संवैधानिक हस्तक्षेप कर किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

इस मौके पर उपस्थित रहे:
राष्ट्रीय संगठन मंत्री सालिम त्यागी, उत्तर प्रदेश सलाहकार एडवोकेट फेजयाब खान, महिला उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुदेश, उत्तर प्रदेश महासचिव महाराज जसवीर नाथ, उत्तर प्रदेश मंत्री चौधरी जुल्फिकार, एडवोकेट जिला सलाहकार फैसल सैफी, एडवोकेट नदीम चौधरी, एडवोकेट नूरुलहक, भोपाल सिंह, अनिल कुमार सैनी, काजी मुस्तकीम, शोएब राणा, राशिद चौधरी, शहजाद चौधरी, सईद अहमद, हसीब अंसारी, संजो रानी, मनोज सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

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