मुजफ्फरनगर।
जनपद मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले का खुलासा किया है। थाना ककरौली पुलिस ने हिन्दू साधु-संतों का वेश धारण कर फर्जी आधार कार्ड के सहारे लोगों को गुमराह करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी धार्मिक आस्था का गलत फायदा उठाकर चंदा वसूली और पहचान छिपाकर क्षेत्र में घूम रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, धार्मिक प्रतीक और चंदा वसूली से जुड़ा भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया है। इस मामले को पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द के लिहाज से बेहद गंभीर माना है।
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में की गई। पूरे ऑपरेशन की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा द्वारा की गई, जबकि पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी भोपा देववृत्त वाजपेई और थानाध्यक्ष ककरौली जोगिन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति हिन्दू साधु-संतों के वेश में घूम रहे हैं और लोगों से चंदा मांग रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना ककरौली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले इसी गिरोह के एक अन्य सदस्य को 4 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शकील, शौकीन, इकबाल, सजील, अय्युब और हनीश के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी आरोपी फर्जी नाम-पते और नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाते थे और धार्मिक वेश में लोगों की भावनाओं से खेल रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 फर्जी आधार कार्ड, लोहे की चेन, सारंगी, डमरू, खंजड़ी, कलावा, चंदे की रसीदें, मोर पंख की छड़ी, पीतल का कड़ा, कपड़े, अहदनामे, भभूत समेत अन्य कई सामान बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल वे खुद को साधु-संत दर्शाने के लिए करते थे।
आरोपियों के खिलाफ थाना ककरौली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और किन-किन क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां कर चुका है।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सचिन चौधरी, देवकी नन्दन, दिनेश सिंह सहित थाना ककरौली पुलिस के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े विश्वास पर भी सीधा प्रहार है, जिसे लेकर पुलिस पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही है।

