अयोध्या से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां जिला जेल से दो कैदी फरार हो गए हैं। इस घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, दोनों कैदी रात के समय विशेष सुरक्षा कक्ष से फरार हुए। सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट पर जब कैदियों की गिनती (काउंटिंग) की गई, तो दोनों के जेल में मौजूद न होने की जानकारी मिली। इसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जांच में सामने आया कि फरार कैदियों ने कक्ष के मेन होल के पास से ईंटें निकालकर रास्ता बनाया। इसके बाद उन्होंने तन्हाई बैरक को तोड़ा और जेल की बाउंड्री वॉल कूदकर फरार हो गए। इससे साफ है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक हुई है।
इस मामले को लेकर डीजी जेल पीसी मीणा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह सुरक्षा में गंभीर लापरवाही है। उन्होंने बताया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा, जिला जेलर के यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी, एक हेड जेल वार्डन और तीन जेल वार्डनों को निलंबित कर दिया गया है।
फरार कैदियों की पहचान सुल्तानपुर निवासी शेर अली के रूप में हुई है, जो हत्या के मामले में जेल में बंद था। दूसरा फरार कैदी अमेठी निवासी गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज अग्रहरि है, जो बलात्कार के मामले में निरुद्ध था।
DIG जेल अयोध्या रेंज शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि दोनों बंदियों को विशेष सुरक्षा कक्ष नंबर चार में रखा गया था। वहीं के रोशनदान के नीचे से दो-तीन ईंटें निकालकर उन्होंने भागने का रास्ता बनाया। DIG जेल ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में ड्यूटी पर तैनात सिपाही और चेकिंग करने वाले सिपाही की बड़ी लापरवाही सामने आई है, और उन्हें दोषी माना जा रहा है।
फिलहाल फरार कैदियों की तलाश के लिए पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त टीमें गठित कर दी गई हैं। पूरे जिले में अलर्ट जारी किया गया है और मामले की गहन जांच जारी है। जेल से कैदियों के फरार होने की इस घटना ने प्रदेश की जेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

