UGC नियमों पर राकेश टिकैत का तीखा प्रहार, बोले – OBC कब से कमजोर हो गए? जीवनशैली में बड़े, आरक्षण में छोटे
Rakesh Tikait on UGC Rules 2026 : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर देश की राजनीति और समाज में हलचल तेज होती जा रही है। अब किसान नेता राकेश टिकैत ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार और आयोग पर सीधा हमला बोला है। टिकैत का कहना है कि यह नियम समाज को जोड़ने की बजाय तोड़ने का काम कर सकता है।
UGC नियमों पर बढ़ता विरोध
UGC नियम–2026 को लेकर सामान्य वर्ग के बीच नाराज़गी खुलकर सामने आ रही है। कई राज्यों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ जगहों पर विरोध जताने के लिए भाजपा के सामान्य वर्ग से जुड़े सांसदों और विधायकों को प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां तक भेजी जा रही हैं।
बरेली के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद यह विवाद और ज्यादा गहरा गया है। अब इस पूरे मामले में राकेश टिकैत की एंट्री से बहस ने नया मोड़ ले लिया है।
टिकैत ने क्यों उठाए सवाल?
किसान नेता राकेश टिकैत ने UGC नियम–2026 पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह व्यवस्था समाज में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकती है। उन्होंने तीखा सवाल करते हुए कहा,
“OBC कब से छोटी जाति हो गई? रहन-सहन में बड़े साहब और आरक्षण की बात आते ही खुद को कमजोर बताने लगते हैं।”
टिकैत का कहना है कि इस तरह के नियम जातियों के बीच टकराव पैदा कर सकते हैं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
क्या है UGC नियम–2026?
दरअसल, 13 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने ‘Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations’ को लागू किया। इसके तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव से जुड़े मामलों की निगरानी और समाधान के लिए नई व्यवस्था तय की गई है।
मुख्य प्रावधान
SC-ST, OBC छात्रों को जातिगत भेदभाव से सुरक्षा
महिलाओं, दिव्यांगों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव रोकने के नियम
हर शिक्षण संस्थान में विशेष शिकायत निवारण प्रकोष्ठ
समिति में SC-ST, OBC, महिला और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की भागीदारी
सामान्य वर्ग में नाराज़गी क्यों?
दूसरी ओर, सामान्य वर्ग के संगठनों का आरोप है कि इस नियम में उन्हें पहले से ही दोषी मान लिया गया है। उनका कहना है कि फर्जी शिकायतों से बचाव को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं है। इससे शिक्षकों और छात्रों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से कई संगठन इस नियम को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
लगातार गहराता विवाद
PCS अधिकारी के इस्तीफे से लेकर किसान नेता राकेश टिकैत के बयान तक, UGC नियम–2026 पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और राजनीतिक रंग ले सकता है।

