Friday, October 2, 2026

7 साल से जलभराव की मार, डीएम दफ्तर पहुंचे ग्रामीण एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी।




मुज़फ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र के गांदला गांव में पिछले सात वर्षों से बनी जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की बदहाल स्थिति से परेशान सैकड़ों ग्रामीण हिंदूवादी नेता सुमित बजरंगी के नेतृत्व में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से मिले और समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव का मुख्य मार्ग वर्षों से जलभराव की चपेट में है। इसी रास्ते से प्राथमिक विद्यालय गांदला नंबर-1, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र और शिव मंदिर तक पहुंचा जाता है। सड़क पर लगातार भरे रहने वाले गंदे पानी के कारण बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव का पानी एक बड़ी नाली के माध्यम से निकल जाता था, लेकिन विभिन्न निर्माण कार्यों के बाद निकासी व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई। करीब छह माह पहले हुए निर्माण कार्य के बाद स्थिति और भी खराब हो गई, जिससे पूरे मार्ग पर स्थायी जलभराव की समस्या पैदा हो गई है।

कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण कई बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग फिसलकर गंदे पानी में गिर चुके हैं। इसके अलावा लगातार जमा गंदे पानी से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने मौके पर ही ग्राम प्रधान को तलब किया और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

इस दौरान हिंदूवादी नेता सुमित बजरंगी ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि गांव के लोग जलभराव वाले रास्ते में बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ जोरदार आवाज उठाएंगे।

ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर समाधान चाहिए। गांव के लोगों ने प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और समस्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों की निगाहें आने वाले दिनों में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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