Thursday, October 1, 2026

6000 अंतिम संस्कार… सेवा की अनोखी मिसाल!
इंसानियत की मिसाल:



लावारिसों की वारिस” शालू सैनी ने अज्ञात शव को दी सम्मानजनक विदाई

मुजफ्फरनगर। जनपद में मानवता और सेवा की मिसाल बन चुकीं समाजसेवी क्रांतिकारी शालू सैनी ने एक बार फिर इंसानियत का परिचय देते हुए एक अज्ञात शव का पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर उसे सम्मानजनक विदाई दी। थाना फुगाना क्षेत्र में मिले लावारिस शव की सूचना मिलते ही वह बिना देर किए मौके पर पहुंचीं और मृतक को अपना भाई मानकर अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां खुद संभालीं।

जानकारी के अनुसार थाना फुगाना पुलिस को क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। काफी प्रयासों के बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी, जिसके चलते शव लावारिस की श्रेणी में आ गया। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने समाजसेवी शालू सैनी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वह घटनास्थल पर पहुंचीं और मृतक को अपना नाम देकर उसकी बहन बनकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई।

श्मशान घाट पर उस समय भावुक माहौल बन गया जब शालू सैनी ने मृतक को भाई मानकर अंतिम विदाई दी। वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि कोई भी इंसान इस दुनिया से बेनाम और बेसहारा न जाए। जब तक सांस है, वह इस सेवा कार्य को जारी रखेंगी।

गौरतलब है कि क्रांतिकारी शालू सैनी पिछले कई वर्षों से हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत लगभग सभी धर्मों के लावारिस और बेसहारा शवों का उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करती आ रही हैं। अब तक वह करीब 6000 से अधिक अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन अपने हाथों से कर चुकी हैं। उनके इस सेवा कार्य की पूरे देश में सराहना हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां आज के दौर में कई लोग रिश्तों से मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं शालू सैनी जैसे समाजसेवी मानवता को जिंदा रखने का काम कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने भी उनके सहयोग और संवेदनशीलता की प्रशंसा की है। शालू सैनी ने आम जनता से भी अपील की है कि इस सेवा कार्य में सहयोग करें, ताकि हर मृतक को सम्मानजनक विदाई मिल सके।

जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

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