मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल को होने जा रही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की संयुक्त जनसभा को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। यह कार्यक्रम अब एक सामान्य रैली नहीं रह गया, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
इस जनसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए बिजनौर लोकसभा से सांसद चंदन सिंह चौहान खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर तैयारियों की कमान संभाले हुए हैं। उन्होंने मीरापुर विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और हर वर्ग के लोगों से अपील की कि वे 13 अप्रैल को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस रैली को सफल बनाएं। गांव-गांव बैठकों और जनसंपर्क अभियानों के जरिए माहौल पूरी तरह जनसभा के पक्ष में बनाया जा रहा है, जहां लोगों में खासा उत्साह भी देखने को मिल रहा है।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकर्ता भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं। बूथ स्तर तक जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता लगातार सक्रिय हैं और गांव-गांव लोगों को रैली तक लाने की रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है। यह साफ संकेत है कि संगठन इस जनसभा को किसी भी कीमत पर ऐतिहासिक बनाना चाहता है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का एक मंच पर आना, क्षेत्र के विकास से जुड़े संभावित बड़े ऐलान और लाखों की भीड़ जुटाने की तैयारी इस जनसभा को बेहद महत्वपूर्ण बना रही है। इसे आने वाले समय की राजनीति और क्षेत्रीय विकास की दिशा तय करने वाली अहम कड़ी के रूप में भी देखा जा रहा है।
इस पूरे अभियान को लेकर सांसद चंदन सिंह चौहान ने बड़ा और प्रभावशाली बयान देते हुए कहा—
> “13 अप्रैल की जनसभा मुजफ्फरनगर ही नहीं, पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक साबित होगी। यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, नई योजनाओं और जनता की भागीदारी का बड़ा मंच है। मैं खुद गांव-गांव जाकर लोगों से मिल रहा हूं क्योंकि यह जनसभा जनता के सहयोग से ही ऐतिहासिक बनेगी। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल का हर कार्यकर्ता, हर जनप्रतिनिधि पूरी ताकत के साथ मैदान में है। मैं सभी क्षेत्रवासियों से अपील करता हूं कि रिकॉर्ड संख्या में पहुंचकर इस जनसभा को सफल बनाएं और एक मजबूत संदेश दें कि हमारा क्षेत्र विकास और नेतृत्व के साथ खड़ा है।”
मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल की यह जनसभा अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत, संगठनात्मक क्षमता और जनता के समर्थन का बड़ा परीक्षण बन चुकी है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

