1260 बीघा जमीन पर फिर खूनी साया!
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के थाना मण्डावर क्षेत्र के ग्राम इन्छावाला में 84 परिवारों की 1260 बीघा कृषि भूमि को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया है कि जिस जमीन को लेकर वर्ष 2021 में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, उसी जमीन पर अब फिर से अवैध कब्जे की कोशिशें तेज हो गई हैं।
शनिवार को इन्छावाला गांव निवासी आशु पुत्र सलीम ने अपने परिजनों के साथ मीडिया के सामने आकर रोते हुए न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में इसी जमीन के विवाद में “बाबा जी” और एक नौकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में थाना मण्डावर, जिला बिजनौर में पांच मुख्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
पीड़ितों का आरोप है कि हत्या के आरोपी इस समय जमानत पर बाहर हैं और बेखौफ होकर घूम रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपी और उनसे जुड़े दबंग तत्व फिर से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध करने पर खुलेआम जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
जमीन पहले हो चुकी है कुर्क
पीड़ित परिवारों के अनुसार प्रशासन ने पहले इस 1260 बीघा जमीन को कुर्क किया था। खेत में खड़ी गन्ने की फसल की नीलामी कर उसकी राशि शासन के खाते में जमा कराई गई थी। फिलहाल यह मामला बोर्ड ऑफ रेवेन्यू उत्तर प्रदेश में विचाराधीन है।
इसके बावजूद पीड़ितों का आरोप है कि कुछ लोग स्वयं को सत्तारूढ़ दल से जुड़ा बताकर राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर जमीन पर अवैध कब्जा कर चुके हैं और उसे बेचने की तैयारी में हैं।
इन लोगों पर लगाए गए आरोप
पीड़ितों ने मंजीत सिंह पुत्र कुलवंत सिंह, कुलवंत पुत्र काला सिंह (निवासी जरनैल का डेरा, थाना मण्डावर, बिजनौर), नितिन पुत्र सतवीर, मोनू उर्फ माया पुत्र कृष्णपाल, अश्वनी पुत्र रणवीर, विगल पुत्र ओमप्रकाश, गौरव उर्फ गौरा पुत्र ब्रजवीर (निवासी भोकरहेड़ी) और मोनू पुत्र नामालूम (निवासी शुक्रताल, थाना भोपा) पर अवैध कब्जा और धमकी देने का आरोप लगाया है।
पीड़ितों ने हल्का लेखपाल अनिल कुमार पर भी दबंगों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरोपियों में कई लोग हत्या के मामलों में जमानत पर हैं और मुजफ्फरनगर के विभिन्न थानों में भी उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
“पूरे परिवार को खत्म कर देंगे”
पीड़ितों का आरोप है कि दबंग खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि जैसे पहले बाबा और नौकर की हत्या की गई थी, वैसे ही पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। परिवारों ने आशंका जताई है कि कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है।
मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
पीड़ितों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा देने, अवैध कब्जा हटवाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। कैमरे के सामने रुआंसे होकर उन्होंने कहा, “योगी जी हमें इन दबंगों के चंगुल से बचा लीजिए, वरना ये हमें कभी भी मार सकते हैं।”
84 परिवारों की 1260 बीघा जमीन पर छाया यह विवाद अब दोबारा भय और दहशत का कारण बन गया है। सवाल यह है कि जब मामला कोर्ट में विचाराधीन है, तो आखिर जमीन पर दोबारा कब्जे की कोशिश कैसे हो रही है? अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

