SP विधायक आशु मलिक की बड़ी पहल: 100 करोड़ के विकास कार्य मंजूर, पश्चिमी यूपी में मजबूत हो रहा कद।
सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक आशु मलिक एक बार फिर चर्चा में हैं। क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की मंजूरी को उनकी बड़ी राजनीतिक और जनहित की उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले आशु मलिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक मजबूत मुस्लिम चेहरा भी माने जाते हैं, और लगातार क्षेत्रीय मुद्दों को उठाने के कारण उनकी पहचान और प्रभाव दोनों तेजी से बढ़े हैं।
सूत्रों के अनुसार, विधायक आशु मलिक ने विधानसभा सत्र के दौरान क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने करीब 3 करोड़ रुपये के प्रस्ताव सदन में रखे, जिन्हें मंजूरी मिल गई। इसके साथ ही नागदेव नदी पर पुल निर्माण को स्वीकृति मिलना क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे कई गांवों की कनेक्टिविटी सुधरेगी और आवागमन आसान होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही बिजली समस्या को लेकर भी विधायक ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि 32 में से 31 गांवों को शहरी फीडर से जोड़ने की योजना इस विकास पैकेज में शामिल है। यह कदम लागू होने पर ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति को स्थिर करने में मददगार साबित हो सकता है।
इसके अलावा, विभिन्न छोटे-बड़े निर्माण कार्यों के लिए करीब 1.10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी स्वीकृत की गई है। इन योजनाओं के जरिए सड़कों, नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
राजनीतिक और जमीनी असर:
आशु मलिक को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav का करीबी माना जाता है। ऐसे में उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ क्षेत्रीय विकास, बल्कि पार्टी संगठन में उनके बढ़ते कद को भी दर्शाती है। पश्चिमी यूपी की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है, खासकर अल्पसंख्यक और ग्रामीण वोट बैंक के बीच।
असली चुनौती अब शुरू:
हालांकि, विकास कार्यों की मंजूरी मिलना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती इन योजनाओं को समय पर और पारदर्शिता के साथ जमीन पर उतारने की है। क्षेत्र की जनता पहले भी कई घोषणाएं सुन चुकी है, इसलिए इस बार लोगों की नजर सीधे काम पर रहेगी।
विधायक आशु मलिक ने अपने प्रयासों से यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे क्षेत्र के विकास के लिए लगातार सक्रिय हैं। अब यह देखना अहम होगा कि यह 100 करोड़ का विकास पैकेज धरातल पर कितना असर दिखाता है और आने वाले समय में जनता के जीवन में कितना बदलाव लाता है।

