Thursday, October 1, 2026

होली मिलन में दिखी सामाजिक समरसता, भाईचारे का मजबूत संदेश।



मुजफ्फरनगर में एक निजी बैंकट हॉल में अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह सामाजिक सौहार्द और एकजुटता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। रंगों के इस पर्व को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने के अवसर के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का केंद्रबिंदु भाईचारा, आपसी विश्वास और सामाजिक संवाद को मजबूत करना रहा।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान शामिल हुए। उनके साथ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, भाजपा नेता गौरव स्वरूप, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, रालोद जिला अध्यक्ष संजय राठी और भाकियू नेता नवीन राठी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विभिन्न विचारधाराओं से जुड़े नेताओं की एक मंच पर उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि सामाजिक एकता सर्वोपरि है।

अपने संबोधन में डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि मन के मतभेदों को मिटाकर दिलों को जोड़ने का अवसर है। उन्होंने समाज में सौहार्द बनाए रखने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने पर बल दिया। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि त्योहार हमें एक-दूसरे के करीब लाते हैं और सामाजिक संवाद को मजबूत करते हैं। राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी उत्साहपूर्ण अंदाज में समाज की एकजुटता को समय की आवश्यकता बताया।

कार्यक्रम के दौरान फूलों की होली खेली गई, जिससे पूरे वातावरण में आत्मीयता और अपनापन झलकता रहा। मंच से बार-बार यह संदेश दिया गया कि समाज की ताकत उसकी एकता में है और आपसी सहयोग ही विकास की असली नींव है। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर और शुभकामनाएं देकर यह संकल्प दोहराया कि वे समाज में भाईचारे और सद्भाव को बनाए रखेंगे।

आयोजन में मंडल अध्यक्ष अरविंद जोहल, जिला अध्यक्ष ब्रजवीर सिंह, विजय कुमार, मनीष चौधरी, अंकुर काकरान, निशु चौधरी, प्रमोद राठी (चेयरमैन), संजय मिश्रा और सुमित मलिक सहित अनेक लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम का वातावरण अनुशासित, गरिमामय और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा।

यह होली मिलन समारोह इस बात का प्रतीक बना कि जब समाज एक मंच पर साथ खड़ा होता है तो हर दूरी मिटाई जा सकती है। रंगों के इस उत्सव ने न केवल रिश्तों को मजबूत किया, बल्कि यह भी साबित किया कि भाईचारा ही समाज की असली पहचान है।

जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

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