Friday, October 2, 2026

सोशल मीडिया पर ‘शूटर गैंग’ का खौफ, ग्रामीणों ने SSP से लगाई गुहार।



मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव जट मुझेड़ा में खुद को कथित तौर पर “शूटर गैंग” के नाम से प्रचारित करने वाले कुछ युवकों को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी और भय का माहौल है। गांव के दर्जनों लोगों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सोशल मीडिया पर दबंगई और हिंसा का प्रदर्शन कर कुछ युवक क्षेत्र का माहौल खराब कर रहे हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों द्वारा एसएसपी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि “उमेश कुमार 315” नाम से संचालित एक इंस्टाग्राम आईडी से जुड़े कुछ युवक लंबे समय से क्षेत्र में दबंगई का माहौल बना रहे हैं। आरोप है कि ये युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मारपीट, धमकी और रौब दिखाने वाले वीडियो अपलोड करते हैं। इसके अलावा स्टेटस और स्टोरी के माध्यम से भी ऐसे कंटेंट का प्रसार किया जाता है, जिससे गांव और आसपास के क्षेत्र के लोगों में भय का वातावरण बन रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, 25 मई को गांव निवासी विशाल पुत्र हरवीर के साथ इन युवकों ने मारपीट की थी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ जान से मारने की नीयत समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनके हौसले और बढ़ गए हैं।

गांव निवासी बंटी सैनी ने बताया कि आरोपी युवक दबंग प्रवृत्ति के हैं और राह चलते लोगों को घूरने, उकसाने तथा डराने-धमकाने का काम करते हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर लगातार डाली जा रही वीडियो और पोस्टों से गांव के युवाओं और परिवारों में डर का माहौल पैदा हो रहा है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना भी हो सकती है।

ग्रामीणों ने एसएसपी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे आपत्तिजनक एवं भय पैदा करने वाले कंटेंट पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गांव के लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते हुए पलायन करने के लिए भी मजबूर हो सकते हैं।

फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों के मन से भय दूर करने की बड़ी चुनौती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है और आरोपियों के खिलाफ कितनी तेजी से कदम उठाए जाते हैं।

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