मुजफ्फरनगर। आंखों की बीमारियों के बढ़ते मामलों और समय पर इलाज के प्रति जागरूकता की जरूरत को देखते हुए अमन रोलिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड, मुजफ्फरनगर द्वारा मरहूम लियाकत अली एवं मरहूमा आमना खातून की याद में एक निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर वरदान धर्मार्थ नेत्र संस्थान, प्रेमपुरी के सहयोग से राणा पब्लिक स्कूल में लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपनी आंखों की जांच कराई।
शिविर में करीब 200 लोगों की आंखों की जांच की गई। जांच के दौरान कई लोगों में आंखों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं सामने आईं, जबकि लगभग 20 मरीजों को मोतियाबिंद से पीड़ित पाए जाने पर उनके ऑपरेशन के लिए चिह्नित किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि मोतियाबिंद एक गंभीर नेत्र रोग है, जिसका समय पर उपचार न होने पर व्यक्ति की दृष्टि प्रभावित हो सकती है। ऐसे में शिविर के माध्यम से मरीजों की पहचान कर उन्हें समय रहते उपचार की दिशा में आगे बढ़ाना एक महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों की आंखों की गहन जांच की और उन्हें आंखों की देखभाल, नियमित परीक्षण तथा समय पर उपचार कराने के संबंध में आवश्यक परामर्श भी दिया। शिविर में पहुंचे लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि निशुल्क जांच और विशेषज्ञ सलाह मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक नूर सलीम राणा, जो सहारनपुर मंडल एवं मुरादाबाद मंडल की अर्बन कमेटी के प्रभारी भी हैं, अपनी टीम के सदस्यों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने शिविर का निरीक्षण किया और आयोजनकर्ताओं के इस सामाजिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाना समाज की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आंखों की रोशनी जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और ऐसे शिविर जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं।
आयोजकों ने बताया कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे। शिविर के सफल आयोजन में संस्था के पदाधिकारियों, चिकित्सकों, स्कूल प्रबंधन और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
शिविर के माध्यम से न केवल सैकड़ों लोगों की आंखों की जांच हुई, बल्कि कई ऐसे मरीजों की पहचान भी हो सकी जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता और ऑपरेशन की आवश्यकता है। इससे अनेक लोगों की दृष्टि बचाने और उनके जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

