Friday, October 2, 2026

सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर फूटा जाट-गुर्जर समाज का गुस्सा, महिलाओं पर टिप्पणी से भड़का बड़ा विवाद!



खबर उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर से है!

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी एक बार फिर अपने कथित विवादित बयानों को लेकर घिरते नजर आ रहे हैं। पहले ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए बयानों से विवादों में आए राजकुमार भाटी अब जाट और गुर्जर समाज की महिलाओं पर कथित टिप्पणी को लेकर चौतरफा विरोध का सामना कर रहे हैं। इस पूरे मामले ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल को गर्मा दिया है। समाज के लोगों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है और सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

सोमवार को जाट महासभा मुज़फ्फरनगर का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सपा प्रवक्ता के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन ने साफ कहा कि महिलाओं के सम्मान के खिलाफ इस तरह की भाषा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जाट महासभा अध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने आरोप लगाया कि 14 मई को दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राजकुमार भाटी ने मंच से जाट और गुर्जर समाज की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस बयान ने पूरे समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है और गांव-गांव में लोगों के भीतर रोष बढ़ता जा रहा है।
महासभा नेताओं का कहना है कि यह केवल एक बयान का मामला नहीं बल्कि महिलाओं की गरिमा और समाज के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है। संगठन ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए समाजों को बांटने और उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच से महिलाओं पर टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसे नेताओं पर उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू किए जा सकते हैं। समाज के लोगों का कहना है कि अब यह मामला केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का मुद्दा बन चुका है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों के कार्यकर्ता और कई सामाजिक संगठन भी इस बयान को लेकर खुलकर विरोध जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्टों के बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है।
ज्ञापन सौंपने वालों में जाट महासभा अध्यक्ष धर्मवीर बालियान, महासचिव जयवीर सिंह, कोषाध्यक्ष राकेश बालियान समेत कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन ने साफ शब्दों में कहा कि यदि आरोपी नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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