सीतापुर (महमूदाबाद) से बड़ी खबर:
सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के बघाइन गांव में उस समय गम का माहौल छा गया जब 25 वर्षीय रवि गोपाल का पार्थिव शरीर 7 दिन बाद उनके घर पहुंचा। जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में मातम पसर गया। परिवार के लोग फूट-फूट कर रो पड़े और हर आंख नम हो गई।
रवि गोपाल की मौत 18 मार्च को सऊदी अरब में एक मिसाइल हमले के दौरान हुई थी। वह वहां रीवा प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करते थे। बताया जा रहा है कि ईरान–इज़राइल के बीच चल रहे तनाव के दौरान फैक्ट्री पर मिसाइल गिरने से उनकी जान चली गई।
बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर चौधरी चरण सिंह अमौसी एयरपोर्ट लखनऊ लाया गया, जहां से प्रशासन की निगरानी में एम्बुलेंस द्वारा गांव भेजा गया। शव को फ्लाई नास एयरलाइंस के जरिए रियाद से भारत लाया गया।
गांव पहुंचते ही हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। पूरे गांव में सन्नाटा और शोक का माहौल है। किसी की आंख सूखी नहीं दिखी। पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार और पुलिस सब-इंस्पेक्टर की निगरानी में पूरे इंतजाम किए गए।
रवि गोपाल के बड़े भाई मनमोहन ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। वहीं पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिज़वी ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय का आभार जताया, जिनकी मदद से शव इतनी जल्दी भारत लाया जा सका।
डॉ. रिज़वी ने यह भी मांग उठाई है कि जिस फैक्ट्री में रवि काम करते थे, उसके मालिक से परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाया जाए, ताकि उनके परिवार का भरण-पोषण हो सके।
रवि गोपाल का अंतिम संस्कार 25 मार्च को पूरे राजकीय सम्मान और भारी जनसमूह की मौजूदगी में किया जाएगा।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार, बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बन गई है।

