Friday, October 2, 2026

श्रमिकों और युवाओं के लिए सरकार का बड़ा फोकस, सभी जिलों में लागू होगी नई योजना!



लखनऊ में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि श्रमिक राज्य की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत हैं और सरकार उनकी सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा तथा रोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘बाल श्रमिक विद्या योजना’ को नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक परेशानियों की वजह से शिक्षा से दूर न रहे। इसके लिए बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केवल बच्चों को स्कूल भेजना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए कौशल विकास की मजबूत व्यवस्था भी जरूरी है। उन्होंने निजी क्षेत्र के सहयोग से ऐसे बच्चों के लिए स्किल डेवलपमेंट की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि आगे चलकर उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।

बैठक में ‘सेवामित्र व्यवस्था’ पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इसे रोजगार और जनसुविधा का आधुनिक एवं उपयोगी मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं और कुशल कामगारों के लिए नए अवसर तैयार कर रही हैं। इसे और अधिक मजबूत और जनोपयोगी बनाया जाए ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़े।

मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही। उनका कहना था कि इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशिक्षित युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

निर्माण श्रमिकों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अहम निर्देश दिए। उन्होंने सभी औद्योगिक शहरों में प्रस्तावित श्रमिक सुविधा केंद्रों यानी लेबर अड्डों को व्यवस्थित रूप से विकसित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये केंद्र केवल श्रमिकों के जुटने की जगह न हों, बल्कि उन्हें सहायता, जानकारी और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सेवायोजन विभाग को आधुनिक और डिजिटल रोजगार तंत्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने रोजगार संगम पोर्टल में एआई आधारित सेवाओं, डिजिटल जॉब मैचिंग और ऑनलाइन काउंसलिंग व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि बदलते समय के साथ रोजगार व्यवस्था को तकनीक के अनुरूप तैयार करना बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्थानीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। सरकार का लक्ष्य ऐसा मजबूत तंत्र तैयार करना है जिससे युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और रोजगार एक ही मंच पर मिल सके।

बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। साथ ही आम लोगों से अपील की गई कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और कौशल विकास कार्यक्रमों में सहयोग करें, ताकि प्रदेश में रोजगार और शिक्षा का माहौल और मजबूत हो सके।

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