Thursday, October 1, 2026

वंदे मातरम पर नए नियम, अब पहले बजेगा राष्ट्रगीत।


नई दिल्ली। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर पहली बार विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किया है। नई गाइडलाइन के मुताबिक अब सरकारी कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा और इसके दौरान सम्मान में खड़े रहना अनिवार्य होगा। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।


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क्या था पहले – पुराने नियम

👉 पहले ‘वंदे मातरम’ को लेकर कोई तय राष्ट्रीय प्रोटोकॉल नहीं था।
👉 आम तौर पर कार्यक्रमों में केवल राष्ट्रगान के लिए खड़े होना अनिवार्य माना जाता था, क्योंकि 1971 का कानून मुख्य रूप से राष्ट्रगान पर लागू था।
👉 कई जगह सिर्फ शुरुआती दो छंद ही गाए जाते थे और इसकी कोई निश्चित अवधि तय नहीं थी।


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अब क्या बदला – नए आदेश में बड़े बदलाव

✔ अब राष्ट्रगीत का पूरा 6 छंदों वाला आधिकारिक संस्करण बजाना या गाना जरूरी होगा।
✔ इसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड (190 सेकेंड) तय की गई है।
✔ जब राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों होंगे तो पहले वंदे मातरम और बाद में जन गण मन होगा।
✔ राष्ट्रगीत बजते समय सभी लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़े रहना होगा।


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किन-किन कार्यक्रमों में अनिवार्य होगा वंदे मातरम

▪️ तिरंगा फहराने के समारोह
▪️ राष्ट्रपति या राज्यपाल के आगमन-प्रस्थान
▪️ राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में
▪️ सरकारी समारोह, पुरस्कार कार्यक्रम और बड़े सार्वजनिक आयोजन
▪️ स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में सामूहिक गायन को बढ़ावा दिया जाएगा


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खड़े होना कब जरूरी और कब नहीं

✅ सरकारी कार्यक्रम, स्कूल या सार्वजनिक आयोजन में बजने पर खड़े होना जरूरी।
❌ अगर वंदे मातरम किसी फिल्म, न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा हो तो खड़े होना अनिवार्य नहीं होगा।


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तकनीकी और प्रोटोकॉल से जुड़े नए नियम

🔹 बैंड के साथ बजाने पर पहले ड्रम रोल या म्यूजिकल सिग्नल दिया जाएगा।
🔹 सामूहिक गायन के दौरान एक समान तालमेल और सम्मान बनाए रखना होगा।
🔹 मंत्रालय ने इसे पूरे देश में राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और एकरूपता के लिए जरूरी बताया है।


कब से लागू हुआ नया आदेश

गृह मंत्रालय की ओर से जारी यह नई गाइडलाइन तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है और सभी सरकारी विभागों, स्कूलों व आयोजकों को इसका पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।


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