गोरखपुर। रंगों के पर्व होली से पूर्व गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह सामाजिक समरसता और पारंपरिक मूल्यों का संदेश देने वाला कार्यक्रम बनकर उभरा। बर्डघाट रामलीला मैदान, हांसूपुर में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संघ के प्रांत प्रचारक रमेश जी और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन रहीं। दोनों अतिथियों ने फूलों की पंखुड़ियां उड़ाकर रंगोत्सव की शुभकामनाएं दीं और उपस्थित लोगों को प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
समारोह में पारंपरिक फगुआ गीतों की प्रस्तुति ने विशेष आकर्षण पैदा किया। सिंगर आर्यन बाबू की प्रस्तुति पर स्वयंसेवकों और उपस्थित जनों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। पारंपरिक गीतों और लोक संस्कृति के माध्यम से आयोजन स्थल पर उत्सव का वातावरण बना रहा। स्वयंसेवकों ने एक-दूसरे को अबीर और गुलाल लगाकर गले मिलते हुए बधाई दी।
कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। उन्होंने भी अबीर-गुलाल उड़ाकर और गीत-संगीत में शामिल होकर आयोजन को उत्साहपूर्ण बनाया। आयोजकों के अनुसार यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है और संघ परिवार इसे निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
प्रांत प्रचारक रमेश जी ने अपने संबोधन में कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष चल रहा है और इस विशेष अवसर पर संगठन का प्रयास है कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और समरसता का वातावरण मजबूत हो। उन्होंने कहा कि होली जैसे त्योहार सामाजिक भेदभाव मिटाने और एक-दूसरे के करीब आने का अवसर देते हैं। ऐसे पर्वों को बिना किसी भेदभाव के, सौहार्द और आपसी सम्मान के साथ मनाया जाना चाहिए।
समारोह के माध्यम से सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और सामूहिक सहभागिता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के आयोजन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक संवाद और समरसता को बढ़ावा देना है, ताकि त्योहार केवल उत्सव न रहकर सामाजिक जुड़ाव का माध्यम भी बनें।

