मुज़फ्फरनगर। जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को संभालने वाले राशन डीलरों में गहरी नाराज़गी है। भारतीय सस्ता गल्ला संघ (मुज़फ्फरनगर) के बैनर तले कोटेदारों ने जिला पूर्ति अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर साफ कहा कि मौजूदा तकनीकी और आर्थिक हालात में राशन का सुचारु वितरण करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।
डीलरों का कहना है कि ई-पॉस मशीनों में लगातार आ रही सर्वर और सॉफ्टवेयर समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं को घंटों इंतज़ार करना पड़ता है। पहले इस्तेमाल हो रहा पुराना सॉफ्टवेयर अपेक्षाकृत बेहतर ढंग से काम कर रहा था, लेकिन नए अपडेट के बाद बार-बार हैंग, नेटवर्क फेल और ट्रांजैक्शन अटकने जैसी दिक्कतें बढ़ गई हैं। इसका सीधा असर वितरण की गति और पारदर्शिता पर पड़ रहा है।
इसके साथ ही नई मशीनों की तकनीकी खामियों ने परेशानी और बढ़ा दी है। डीलरों ने बताया कि मशीनों के की-पैड बेहद छोटे हैं और कई मशीनों में तौल स्पष्ट नहीं दिखती, जिससे वितरण के दौरान विवाद की स्थिति बनती है और काम में अनावश्यक रुकावट आती है।
कमीशन का मुद्दा भी डीलरों की नाराज़गी का बड़ा कारण है। कोटेदारों का कहना है कि वर्षों से उनके कमीशन में कोई ठोस बढ़ोतरी नहीं हुई है। महंगाई, परिवहन और दुकान संचालन का खर्च बढ़ने के बावजूद आय जस की तस है, जिससे आर्थिक तंगी पैदा हो गई है। कई बार आवेदन देने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस मौके पर संघ के अध्यक्ष ठाकुर सुंदर सिंह सोम ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जल्द ही मशीनों की तकनीकी कमियां दूर नहीं की गईं और कमीशन में न्यायोचित बढ़ोतरी नहीं हुई, तो राशन वितरण को सुचारु रूप से चलाना असंभव हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि कोटेदारों की समस्याएं सुलझेंगी तभी आम जनता को समय पर राशन मिल पाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष सुंदर सिंह सोम, सचिव धर्मपाल, सुधीर जैन, भोला, राजकुमार सिद्धार्थ, इसरार, अरविंद सहित नगर क्षेत्र के बड़ी संख्या में राशन डीलर मौजूद रहे।
डीलरों ने साफ संकेत दिया कि अगर मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ, तो आगे आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

