मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) की संगठनात्मक राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। पार्टी ने जिले के अध्यक्ष संदीप मलिक को पद से हटा दिया है और उनकी जगह संजय राठी को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज़ हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव अचानक नहीं माना जा रहा। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को मोरना में चंदन चौहान की प्रेस वार्ता के दौरान लगे बैनर को लेकर सांसद के सहयोगियों और तत्कालीन जिलाध्यक्ष संदीप मलिक के बीच कहासुनी हो गई थी। इसी घटनाक्रम के बाद संगठन के स्तर पर असंतोष बढ़ा और नेतृत्व ने सख्त कदम उठाते हुए जिलाध्यक्ष को हटाने का निर्णय लिया।
पार्टी के अंदरखाने यह भी चर्चा है कि नेतृत्व अनुशासन और समन्वय को लेकर अब किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। इसी कड़ी में सिर्फ मुजफ्फरनगर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई जिलों में जिला अध्यक्षों में बदलाव किया गया है। रालोद नेतृत्व का साफ संकेत है कि संगठन को जमीनी स्तर पर और मज़बूत किया जाएगा।
नए जिलाध्यक्ष संजय राठी के सामने संगठन को एकजुट रखने, कार्यकर्ताओं में भरोसा बहाल करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी को तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। वहीं, संदीप मलिक को हटाए जाने के पीछे असली वजह क्या रही—इस पर पार्टी की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बैनर विवाद को इस बड़े फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, रालोद में हुआ यह बदलाव साफ संकेत देता है कि पार्टी अब संगठनात्मक अनुशासन और सार्वजनिक छवि को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

