Thursday, October 1, 2026

युद्ध में फंसे अमेठी के 7 छात्र, परिवारों की PM से मदद की गुहार।




अमेठी जिले के मुसाफिरखाना क्षेत्र से बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। क्षेत्र के भनौली गांव के करीब सात छात्र-छात्राएं इस समय ईरान में फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि सभी छात्र वहां पीएचडी और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए गए हुए हैं। लेकिन ईरान में युद्ध जैसी स्थिति बनने के बाद से उनका अपने परिवारों से संपर्क टूट गया है, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

परिजनों के अनुसार, जब तक हालात सामान्य थे, बच्चों से नियमित बातचीत हो रही थी। लेकिन जैसे ही युद्ध की स्थिति गंभीर हुई, फोन और इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गईं। इसके बाद से परिवारों का अपने बच्चों से कोई सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है। कई दिनों से कोई ठोस जानकारी न मिलने के कारण गांव में बेचैनी और तनाव का माहौल है।

छात्रों के परिजन अब देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi से अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं। परिवारों का कहना है कि उनके बच्चे पढ़ाई के लिए विदेश गए थे, लेकिन अचानक बने हालात ने उन्हें खतरे में डाल दिया है। परिजनों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप कर छात्रों को सुरक्षित भारत लाने की मांग की है।

गांव के लोगों का कहना है कि सभी छात्र मेधावी हैं और अपने भविष्य को संवारने के लिए ईरान गए थे। वे वहां अलग-अलग विश्वविद्यालयों में शोध और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन मौजूदा हालात ने उनके सपनों पर संकट खड़ा कर दिया है।

परिवारों ने प्रशासन से भी संपर्क किया है और जिला स्तर पर अधिकारियों को जानकारी दी है। परिजन उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार जल्द ही कोई ठोस कदम उठाएगी और सभी छात्रों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करेगी।

गांव में हर घर की निगाह अब सरकार की ओर है। माता-पिता की आंखों में चिंता साफ झलक रही है। उनका कहना है कि जब तक बच्चों की आवाज सुनाई नहीं दे जाती, तब तक चैन मिलना मुश्किल है।

स्थिति गंभीर है और सभी की नजर अब इस बात पर टिकी है कि सरकार कब और कैसे इन छात्रों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाने की व्यवस्था करती है।

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