Thursday, October 1, 2026

मेरठ में भड़का विवाद: शौकत अली के बयान पर विरोध तेज, गिरफ्तारी की मांग।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में शौकत अली के एक विवादित बयान के बाद माहौल गर्मा गया है। उनके बयान को लेकर जहां राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है, वहीं हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

25 मार्च 2026 को मेरठ में इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने शौकत अली का पुतला फूंका, उसे जूतों से पीटा और जलाया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि वे संविधान में विश्वास रखते हैं, लेकिन इस तरह के बयान देकर शहर का माहौल खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका आरोप है कि शौकत अली ने पुलिस और सरकार के खिलाफ बयान देकर अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया है।

इस पूरे मामले पर सचिन सिरोही, जो अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि शौकत अली प्रदेश में दंगे भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इस बयान से न केवल हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और पुलिस के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।

सचिन सिरोही ने यह भी कहा कि शौकत अली का बयान समाज में विभाजन पैदा करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शौकत अली ने यह तक कहा कि यदि उन्हें सीमित संख्या में भी मुस्लिम विधायक मिल जाएं, तो वे प्रदेश में “मुसलमानों का राज” दिखा सकते हैं—जिसे उन्होंने बेहद भड़काऊ और अस्वीकार्य बताया।

प्रदर्शन के दौरान सिरोही ने योगी आदित्यनाथ से मांग की कि शौकत अली की तुरंत गिरफ्तारी की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें जमानत मिलती है, तब भी शांति भंग की आशंका के तहत धारा 151 के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने और उनके घर पर बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग की।

सिरोही ने चेतावनी दी कि यदि 24 से 48 घंटे के भीतर शौकत अली पर कार्रवाई नहीं होती, तो उनका संगठन सड़कों पर उतरकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगा।

फिलहाल, इस पूरे मामले ने मेरठ के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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