मेरठ के कमिश्नरी पार्क में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब कांग्रेस कार्यकर्ता हिमांता बिस्वा सरमा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। कार्यकर्ताओं का उद्देश्य असम के मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई। पुतला छीनने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई, जिससे पूरा कमिश्नरी पार्क रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया।
हंगामे के बीच पुलिस ने पुतला अपने कब्जे में लेने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं थे। काफी देर तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद भी कार्यकर्ताओं ने आंशिक रूप से पुतला जलाकर अपना विरोध जताया।
घटना के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा, हालांकि किसी बड़े घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सख्ती बरती।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका अधिकार है, जिसे पुलिस ने जबरन दबाने की कोशिश की। वहीं पुलिस का पक्ष है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और आने वाले समय में इसे लेकर और विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

