मेरठ के जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं की गंभीर पोल खुलती नजर आ रही है। अस्पताल में पिछले 4 दिनों से रसोई गैस खत्म होने के कारण मरीजों के लिए भोजन तैयार करने में भारी दिक्कतें सामने आ रही हैं। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अस्पताल के रसोइयों को मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर खत्म होने के बावजूद समय पर नई आपूर्ति नहीं हो सकी, जिससे अस्पताल की रसोई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। मरीजों के लिए समय पर और स्वच्छ भोजन तैयार करना चुनौती बन गया है। लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने से न केवल समय ज्यादा लग रहा है, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रसोइए लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद प्रशासन ने अब तक इस मामले पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। न तो गैस आपूर्ति को लेकर कोई ठोस कदम उठाया गया है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।
जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की अव्यवस्था सीधे तौर पर मरीजों के स्वास्थ्य और सुविधाओं के साथ खिलवाड़ है। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब तक चुप्पी साधे रहता है और मरीजों को कब तक इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

