मुजफ्फरनगर। शहर में एक व्यापारी की हत्या की साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। दस लाख रुपये की रंगदारी मांगकर हत्या की योजना बना रहे दो शातिर बदमाशों को थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपियों के पास से अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार 4 मार्च को पटेलनगर निवासी व्यापारी राजीव जैन पुत्र धर्म चंद जैन ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात बदमाश लगातार मोबाइल फोन पर कॉल कर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और जान बचाने के बदले दस लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी और बदमाशों की तलाश में जुट गई।
शुक्रवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रंगदारी मांगने वाले बदमाश बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही दोनों बदमाश जंगल की ओर भागने लगे और पेड़ों की आड़ लेकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन वे लगातार गोली चलाते रहे। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि दूसरे को कॉम्बिंग के दौरान पकड़ लिया गया।
पुलिस ने घायल बदमाश की पहचान प्रताप चौधरी उर्फ ‘बदमाशों का देवता’ पुत्र नरेश पाल निवासी हुसैनपुर थाना रामराज, मुजफ्फरनगर के रूप में की है। उसके साथ गिरफ्तार दूसरे आरोपी की पहचान रवि उर्फ सूटर पुत्र रनवीर निवासी बाखरपुर थाना बालेनी, बागपत के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, .315 बोर के तीन जिंदा और दो खोखा कारतूस तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे सुपारी लेकर हत्या करने का काम करते हैं। प्रताप चौधरी ने पुलिस को बताया कि जेल में उसकी मुलाकात अतुल कुमार नाम के व्यक्ति से हुई थी। उसी ने व्यापारी राजीव जैन की हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी। योजना के तहत पहले व्यापारी को फोन कर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई, ताकि डर का माहौल बनाया जा सके और फिर हत्या की वारदात को अंजाम दिया जा सके।
पुलिस के मुताबिक प्रताप चौधरी एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से चोरी, आर्म्स एक्ट समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों और आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय रहते कार्रवाई करते हुए एक बड़ी आपराधिक वारदात को टाल दिया गया है। यह मुठभेड़ सिविल लाइन थाना पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

