मुज़फ्फरनगर, 10 मई।
महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर मुज़फ्फरनगर में राजनीतिक माहौल उस समय गर्म हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी की महिला पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में पहुंची मातृशक्ति ने समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक के आवास के निकट जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रेमपुरी चौराहा स्थित ईदगाह के सामने आयोजित इस ‘जन आक्रोश महिला धरना प्रदर्शन’ में महिलाओं ने विपक्षी दलों पर महिला अधिकारों की अनदेखी करने और आरक्षण का विरोध कर मातृशक्ति का अपमान करने का आरोप लगाया।
धरने में शामिल महिलाओं ने हाथों में तख्तियां और नारों के जरिए केंद्र सरकार के समर्थन में आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं का कहना था कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना समय की सबसे बड़ी जरूरत है और इसके विरोध को महिलाएं अब बर्दाश्त नहीं करेंगी।
मुख्य वक्ता मीनाक्षी स्वरूप ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना किसी प्रकार की कृपा नहीं बल्कि उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, ऐसे में राजनीति और नीति निर्माण में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित होना जरूरी है। उन्होंने विपक्षी दलों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी, पर निशाना साधते हुए कहा कि इस अधिनियम का विरोध करना सीधे तौर पर महिलाओं की ताकत और सम्मान का विरोध है।
कार्यक्रम की जिला संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष अंजलि चौधरी ने कहा कि धरने में उमड़ी महिलाओं की भारी भीड़ यह साबित करती है कि मातृशक्ति अब अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह जागरूक है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब राजनीतिक निर्णयों में अपनी भागीदारी चाहती हैं और जो भी ताकतें उनके अधिकारों के खिलाफ खड़ी होंगी, उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने भी विपक्षी दलों के रवैये पर कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह कानून देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
धरना प्रदर्शन का संचालन पूर्व जिला मंत्री रेनू गर्ग और जिला उपाध्यक्ष विशाल गर्ग ने किया। इस दौरान जिला मंत्री ममता अग्रवाल, महिला मोर्चा अध्यक्ष कविता सैनी, विमल चौहान, श्वेता कौशिक और आँचल तोमर ने भी महिलाओं के राजनीतिक आरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए विपक्ष की आलोचना की।
कार्यक्रम में भाजपा की कई वरिष्ठ महिला नेताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी देखने को मिली। महेशो चौधरी, विमला चौधरी, मनी पटपटिया, विशाखा सैनी, मोनाली पंवार, दुलारी मित्तल, रेखा वर्मा, अंजू शर्मा, सीमा गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नेता धरने में शामिल रहे।
धरने के अंत में उपस्थित महिलाओं ने केंद्र सरकार के प्रति आभार जताते हुए महिला सशक्तिकरण के समर्थन में एकजुट रहने का संकल्प लिया। पूरे प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में राजनीतिक हलचल और भारी भीड़ के चलते माहौल काफी गर्म बना रहा।

