लगातार बढ़ती महंगाई और पेट्रोल, डीजल तथा रसोई गैस के दामों में हुई बढ़ोतरी के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैलगाड़ियों के साथ सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शन की शुरुआत कमिश्नरी पार्क से हुई, जहां बड़ी संख्या में सपा नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए। इसके बाद बैलगाड़ियों और नारों के साथ जुलूस निकाला गया, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महंगाई को आम लोगों के लिए गंभीर संकट बताते हुए सरकार पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
सपा नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ रहा है, जिससे खाद्य पदार्थों समेत दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि से घरेलू महिलाओं और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान, मजदूर, कर्मचारी, छोटे व्यापारी और निम्न आय वर्ग के लोग महंगाई की मार से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। खेती-किसानी में डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण लागत बढ़ गई है, जबकि आम लोगों की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने से परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद सपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण करने तथा आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया और जनता को राहत नहीं मिली तो पार्टी आने वाले समय में और व्यापक जनआंदोलन चलाने को मजबूर होगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महंगाई विरोधी नारे लगाए और सरकार से जनहित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
सपा का यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब बढ़ती महंगाई को लेकर राजनीतिक दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं। प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने महंगाई के मुद्दे को जनता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

